, Sept. 8 -- एल एंड टी एवं बीएमएसआईसीएल के प्रतिनिधियों ने परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।बैठक के दौरान राष्ट्रीय चिकित्सा आयोगके दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव ने पीएमसीएमएच के सभी विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पीएमसीएमएच राज्य का सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है। इसकी प्रतिष्ठा एवं गरिमा के अनुरूप मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा, सुविधाजनक व्यवस्था एवं संवेदनशील व्यवहार उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान विशेष सचिव सह आयुष्मान भारत योजना के प्रभारी श्री अरविन्द वर्मा ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र एवं जरूरतमंद मरीजों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इमरजेंसी केश में भी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों के उपचार में किसी भी परिस्थिति में बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं। दवा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अमृत फार्मा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए अस्पताल में जल्द ही दक्ष 'आयुष्मान मित्रों' की तैनाती की जाएगी।
साथ ही चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मियों को योजना की प्रक्रिया, प्रावधानों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
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