, Sept. 8 -- सचिव ने कहा कि बिहार सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा गयाजी में व्यापक विकास योजनाओं को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गया जी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न परियोजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। श्री सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर के चारों ओर विश्वस्तरीय कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव है। इस परियोजना से विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की आवाजाही, दर्शन व्यवस्था, सुविधाओं और क्षेत्र के समग्र सौंदर्यीकरण को नई दिशा मिलेगी।

सचिव ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए 1000 बेड वाले आधुनिक गयाजी धर्मशाला के निर्माण की योजना पर त्वरित गति से कार्य कराया जा रहा है। लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। इस धर्मशाला के निर्माण से पितृपक्ष मेला तथा वर्षभर गया जी आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गया जी में धार्मिक पर्यटन के लिए आधारभूत संरचना और मजबूत होगी।

श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में गया जिले के विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी को शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इस योजना से स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करने तथा पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली, संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने में सहायता मिलेगी। साथ ही, इससे गया एवं बोधगया क्षेत्र में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी योगदान मिलेगा।

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