, June 24 -- श्री प्रसाद ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में जिला प्रशासन, श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल संरक्षण इकाइयों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से विशेष धावा दल गठित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये दल होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों, गैराज, कार्यशालाओं, ईंट-भट्ठों, घरेलू एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित अन्य संभावित कार्यस्थलों पर नियमित जांच अभियान चला रहे हैं। अभियान के दौरान चिन्हित बाल श्रमिकों को तत्काल मुक्त कराकर उनके पुनर्वास एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां बाल श्रम से मुक्त कराए गए किशोर श्रमिकों को मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य उन्हें शिक्षा, कौशल विकास एवं सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है। विभाग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि मुक्त कराए गए बच्चों का विद्यालयों में नामांकन हो तथा उन्हें आवश्यक शैक्षणिक एवं सामाजिक सहयोग प्राप्त हो।

श्री प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विमुक्त बाल श्रमिकों की विमुक्ति एवं पुनर्वास के तहत कुल 1130 बाल श्रमिकों को मुक्त किया गया। इस दौरान 846 एफआईआर दर्ज की गईं। सीएमआरएफ के माध्यम से 284 बच्चों के खाते में 25,000 रुपये की एफडी कराई गई, जबकि 398 बच्चों को 3,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, 621 बाल श्रमिकों के लिए प्रति बच्चा 5,000 रुपये जमा किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बाल श्रमिकों को कार्यस्थलों से मुक्त कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समग्र पुनर्वास एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मंत्री ने निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे अपना निबंधन बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर कराकर विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल श्रम करवाने वाले अभिभावकों की पहचान कर उन्हें पात्रता के अनुसार राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से बाल श्रम की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार, उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह, विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, विशेष सचिव-सह-सचिव बोर्ड सुनील कुमार यादव, विशेष सचिव उपेन्द्र प्रसाद, श्रमायुक्त बिहार राजेश भारती, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग श्रीमती राखी कुमारी केशरी, श्रम अधीक्षक (बाल श्रम) श्रीमती स्नेहा सृजन सहित आयोग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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