, May 3 -- नवादा जिले के ही वारिसलीगंज प्रखंड के मोहद्दीनपुर पंचायत में एक नई शुरुआत हुई,जब प्रभु प्रसाद पहली बार मुखिया बने। प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने समाज में बदलाव लाने का फैसला किया। उन्होंने अपने पंचायत को डिब्बे के दूध से मुक्त करने का लक्ष्य रखा। इसके लिए वे स्वयं महिलाओं को स्तनपान की अहमियत समझाते हैं। यह मुहिम आसान नहीं थी। प्रभु प्रसाद ने खुद मैदान में उतरकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। पोषण माह के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र पर महिलाओं को पोषण के महत्व, चार प्रमुख स्वास्थ्य जांचों, आयरन-कैल्शियम गोलियों के सेवन, पूरक पोषाहार और विशेष रूप से बच्चों को पहले छह महीने तक केवल मां का दूध देने की अहमियत बताई।

लोगों के सुझाव पर यह तय हुआ कि पूरे पंचायत को 'डिब्बे का दूध मुक्त पंचायत' घोषित किया जाए। प्रभु प्रसाद ने घोषणा की कि जल्द ही पूरे पंचायत में जागरूकता अभियान चलाकर इसे औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा।

दोनों जनप्रतिनिधियों की यह यात्रा समर्पण की मिसाल है। उनके दृढ़ संकल्प ने साबित कर दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण जरूरी है।

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