, May 23 -- श्री मिश्रा ने कहा कि बिहार अब केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी नेतृत्व के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एआई की पहुंच हर नागरिक, हर गांव और हर युवा तक सुनिश्चित हो।उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समिट में देशभर से नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एआई विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, तकनीकी पेशेवर एवं बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक कंपनियों की सहभागिता, 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं के सत्र तथा 60 से अधिक तकनीकी स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं। समिट के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, साइबर सुरक्षा, एम.एस.एम.ई., स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एवं डिजिटल प्रशासन में एआई की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना, प्रशासन, कनेक्टिविटी एवं डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में तेज गति से कार्य हो रहा है। इसी सोच के साथ बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने बिहार आईटी नीति-2024 एवं बिहार जीसीसी नीति-2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतियों के माध्यम से बिहार को उभरते आईटी निवेश गंतव्य तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी नौकरियों, स्टार्टअप विकास एवं बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
श्री मिश्रा ने उद्योग जगत एवं निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार के पास प्रतिभाशाली युवा शक्ति, तेजी से विकसित होता आधारभूत ढांचा, मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति तथा व्यापक बाजार क्षमता उपलब्ध है, जो इसे भविष्य का प्रमुख तकनीकी गंतव्य बनाने की क्षमता रखता है।
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