, May 27 -- विभाग की ओर से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत निवेशकों को कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके तहत चयनित निवेशकों को 30 वर्षों की अवधि के लिए भूमि अथवा स्थल लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक अनुमतियां विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग के माध्यम से वित्तीय सहायता भी प्रदान करने की योजना है। पिछले रविवार को इसे लेकर एक बैठक भी हुई थी। विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सामने आया कि 27 डैम और 247 तालाब एवं पोखर स्थलों को साइट्स के लिए चिन्हित किया गया है जिन्हें विकसित करना है।

बैठक में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सेक्रेटरी अनिल कुमार, सीकेसीपीएल आर्किटेक्ट्स के डायरेक्टर शोभित राज, बिहार होटल्स के सीनियर एडवाइजर एसपी सिन्हा, होटल मौर्या की वाईस प्रेसिडेंट ऋचा सिन्हा, बी ए आई के स्टेट चेयरमैन मणिकांत एवं लेमन ट्री होटल के मनीष कुमार सहित करीब 25 निवेशकों एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया था।

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