, May 14 -- नगर आयुक्त ने परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कई योजनाओं में कार्य की धीमी प्रगति पर संबंधित पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जलापूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता (असैनिक), सहायक अभियंता (असैनिक)) तथा छह कनीय अभियंताओं (असैनिक)) को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक उनके वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिये कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को हर हाल में 30 मई तक पूरा किया जाए। इसके लिए संबंधित अभियंताओं को कैंप कर दो पालियों में कार्य कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं का कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है और जिन्हें 30 मई तक पूरा करना संभव नहीं है, उन परियोजनाओं को फिलहाल शुरू नहीं किया जाए। साथ ही जिन स्थानों पर खुदाई की जा चुकी है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर गड्ढों को भरकर सड़क एवं स्थल का समुचित पुनर्स्थापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि नगर निगम द्वारा संचालित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं के स्थल पर अनिवार्य रूप से सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा पर्याप्त घेराबंदी कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे परियोजनाएं पूर्ण होती जाएं, वैसे-वैसे संबंधित स्थलों का पुनर्स्थापन कार्य भी तत्काल किया जाए।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बारिश के दौरान किसी निर्माणाधीन स्थल पर लापरवाही के कारण आमजन की जान-माल की क्षति होती है, तो संबंधित संवेदक एवं अभियंता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित