, May 9 -- अभियान के तहत बड़े पेड़ों की शाखाओं एवं टहनियों को काटकर वन विभाग के कब्जे में सौंपा गया, जबकि शेष अपशिष्ट का वैधानिक तरीके से निष्पादन पटना नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। पेड़ों को हटाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सफाईकर्मियों द्वारा सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों की विशेष सफाई भी कराई जा रही है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। तेज आंधी का सबसे अधिक असर नूतन राजधानी अंचल में देखने को मिला। अभियान के दूसरे दिन हार्डिंग रोड, स्ट्रैंड रोड, मुख्यमंत्री आवास क्षेत्र, सर्किट हाउस, गोल्फ क्लब तथा चिड़ियाघर के आसपास विशेष अभियान चलाकर करीब 140 से 145 पेड़ों को हटाया गया। इस कार्य में कुल 16 जेसीबी मशीनें, 30 टाटा 407 वाहन तथा डेढ़ सौ से अधिक मजदूर लगाए गए।

वहीं पाटलिपुत्र अंचल में भी विशेष अभियान चलाकर छज्जूबाग, गांधी मैदान, राजवंशी नगर, शास्त्री नगर, पटेल नगर, आशियाना, राजीव नगर, सदाकत आश्रम एवं कुर्जी समेत विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों पर गिरे एवं आवागमन बाधित कर रहे करीब 64 से 65 टूटे पेड़ों को हटाया गया। अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 16 जेसीबी मशीनों एवं 80 से 85 सफाईकर्मियों की तैनाती की गई।

बांकीपुर अंचल में खजांची रोड, कदमकुआं, एसीसी कैंपस एवं स्टेडियम रोड क्षेत्र से पांच पेड़ों को हटाया गया। इस कार्य में एक जेसीबी मशीन एवं 10 मजदूरों की तैनाती की गई। इसके अतिरिक्त अजीमाबाद अंचल में चार जेसीबी मशीनों एवं 12 मजदूरों की सहायता से लोहा गोदाम, बड़ी पटनदेवी एवं गुलजारबाग स्टेडियम क्षेत्र में अभियान चलाकर आठ छोटे-बड़े पेड़ों को हटाया गया। विदित है कि पटना सिटी अंचल में आंधी के दौरान पेड़ गिरने की कोई घटना सामने नहीं आई, जिसके कारण वहां किसी विशेष निष्पादन अभियान की आवश्यकता नहीं पड़ी।

निगम की टीम द्वारा सभी वार्डों में लगातार भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर टूटे पेड़ों या उनकी शाखाओं के कारण यातायात एवं आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो। पटना नगर निगम द्वारा सामान्य स्थिति बहाल होने तक यह अभियान जारी रहेगा।

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