, April 10 -- इस अवसर पर सुलभ इंटरनेशनल के अध्यक्ष कुमार दिलीप ने कहा कि उन्होंने देश के अन्य हिस्सों में अपने कार्यों की सफलता से प्रेरित होकर महिला-नेतृत्व वाले कृषि कार्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को सामुदायिक बीज बैंक के माध्यम से सहयोग दिया जा रहा है, जिससे वे स्थानीय बीजों का संरक्षण कर सकें, खाद्य सुरक्षा मजबूत कर सकें और टिकाऊ आजीविका बना सकें।उन्होंने कहा कि विकास समग्र होना चाहिए। इस संदर्भ में दरभंगा में सुलभ डेवलपमेंट फोरम का आयोजन विशेष महत्व रखता है। यह स्पष्ट संदेश देता है कि सुलभ इंटरनेशनल मानता है कि विचार केवल अभिजात वर्ग तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि विकास समुदायों द्वारा, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप और जमीनी स्तर से होना चाहिए।
इस अवसर पर सुलभ इंटरनेशनल उपाध्यक्ष सुतीर्थ सारियाह ने कहा कि क्षेत्र की विशेष कृषि क्षमता को ध्यान में रखते हुए मखाना की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जो उत्तर बिहार की पहचान और अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। विशेष रूप से महिला किसानों के बीच मखाना खेती को प्रोत्साहित कर उनकी आय बढ़ाने और पारंपरिक कृषि ज्ञान को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, भारत की प्रसिद्ध सांस्कृतिक परंपराओं में से एक मिथिला पेंटिंग को भी समर्थन दिया जा रहा है। पीढ़ियों से प्रतिभाशाली मिथिला कलाकार,जिनमें कई महिलाएं हैं वे बिचौलियों पर निर्भर रही हैं और उन्हें अपने कार्य का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इस पहल का उद्देश्य मिथिला कलाकारों को सीधे बाजार और मंचों से जोड़ना है, जिससे न्हें उचित पहचान और बेहतर आजीविका मिल सके।
इस अवसर पर शोध फेलो बंदना लुथरा सिन्हा ने अध्ययन से संबंधित एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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