, Aug. 2 -- योजना का लाभ लेने के लिए एफपीओ, सीएलएफ और पैक्स का कम से कम दो वर्ष से पंजीकृत एवं संचालित होना आवश्यक है। व्यक्तिगत आवेदक की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। परियोजना में न्यूनतम 15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान तथा बैंक ऋण स्वीकृत होना अनिवार्य है। नई दाल प्रसंस्करण इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इकाई में बीआईएस मानक की मशीनरी तथा एफएसएसएआई लाइसेंस अनिवार्य होगा। परियोजना को कम से कम तीन वर्ष तक संचालित एवं रखरखाव करना होगा। अनुदान की राशि लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

आवेदन के साथ परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र, आधार एवं बैंक विवरण तथा संस्थाओं के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र जमा करना होगा।

यह योजना फिलहाल पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया जिलों में लागू की गई है। इच्छुक आवेदक 1 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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