, April 9 -- विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि 'सात निश्चय-3' के तहत डेयरी और मत्स्य पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 24,248 गांवों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाई जाएगी और 8,053 पंचायतों में 'सुधा केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। श्री अशोक ने कहा कि सीआईआई के साथ मिलकर डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पशुओं के नस्ल सुधार कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार का डेयरी नेटवर्क मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत और झारखंड तक सीमित है। इसे विस्तारित कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजारों तक पहुँचाया जाएगा।
श्री अशोक ने कहा कि जमीनी स्तर पर तकनीकी सहायता और जनशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए हर पंचायत में पशु सहायकों की नियुक्ति की जाएगी, जो डेयरी और मछली पालन दोनों क्षेत्रों में मदद करेंगे।
सचिव ने स्पष्ट किया कि जब हमारे 'नॉलेज पार्टनर' मजबूत होंगे, तभी हमारा डेयरी तंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सीआईआई इस परियोजना में उत्पाद मार्केटिंग और स्ट्रेटजी के स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी, जिससे बिहार के डेयरी उत्पादों की पहुंच पूरे भारत में सुनिश्चित हो सकेगी।इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में भी सहायक सिद्ध होगी।
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