, June 2 -- शैक्षणिक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए अब तक 57,421 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें हिन्दी विषय के लिए 25,790 तथा इतिहास के लिए 17,105 आवेदन मिले हैं। नए महाविद्यालयों के लिए सबसे अधिक 31,218 आवेदन मुंगेर विश्वविद्यालय क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जून तक सभी महाविद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली, जल निकासी, डेस्क-बेंच, ब्लैकबोर्ड, कंप्यूटर और वाटर कूलर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और छात्रों की सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने प्रत्येक महाविद्यालय की निगरानी के लिए एक-एक अपर समाहर्ता (एडीएम) को जिम्मेदारी सौंपने तथा जिला स्तर पर क्रय एवं क्रियान्वयन समिति गठित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को 05 जून तक संबंधित प्राचार्यों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करने को कहा गया।
बैठक में छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक जुलाई से विशेष 'पिंक बस' सेवा के विस्तार का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नए महाविद्यालयों में 'प्रवेश उत्सव' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
स्थायी परिसरों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन को शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 5 एकड़ विवाद-मुक्त भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। भूमि चयन में सड़क संपर्क और सुगम आवागमन को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि जून के अंत तक सभी जिलों को 'रेडिनेस सर्टिफिकेट' प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने घोषणा की कि 30 जून 2026 को पुनः उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी जिलों की तैयारियों का अंतिम आकलन किया जाएगा।
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