, March 12 -- उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के कैबिनेट बैठक के फैसले से टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया, किशनगंज के संचालन की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को दी गई है। 25 अप्रैल 2025 को बिहार राज्य कैबिनेट ने टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया को जीविका को सौंपने की सहमति को स्वीकृत किया था। 27 अप्रैल 2025 को डीआरडीए किशनगंज के द्वारा कारखाने को औपचारिक रूप से संचालन के लिये जीविका को सौंप दिया गया । इसके बाद जीविका किशनगंज द्वारा महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. को टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई। महानंदा एफपीसी किशनगंज जिले के तीन प्रखंड पोठिया, ठाकुरगंज और किशनगंज सदर में कार्यरत है। वर्तमान में, महानंदा एफपीसी में 737 शेयरधारक हैं। एफपीसी से जुड़ी सभी महिलाएँ, जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। ये सभी दीदियाँ चायपत्ती की खेती और पत्तियाँ तोड़ने के काम से जुड़ी हैं। कंपनी का संचालन शेयरधारकों द्वारा चुने गए छह सदस्यीय निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है। महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में सीधे तौर पर 45 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जिसमें 21 महिलाएँ और 24 पुरुष कर्मी हैं। विभिन्न पदों पर काम कर रहे इन कर्मियों की तनख्वाह 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक है। लगभग अठारह सौ किसानों से चायपत्ती की खरीद की जा रही है। इन किसानों के चय्पत्तियों को विभिन संग्रहण केंद्रों के माध्यम से 45 किसान संग्रहकों द्वारा टी फैक्ट्री में बेचा जा रहा है। किसानों को सात दिनों के अंदर उनके बैंक खाते में चायपत्ती की कीमत अंतरण की जा रही है। महानंदा एफ.पी.सी. द्वारा अगस्त 2025 माह से दिसंबर 2025 माह तक 6 लाख 86 हजार 251 किलो चाय पत्ता खरीदा किया गया।

टी फैक्ट्री में अब तक एक लाख 55 हजार 639 किलो चाय पत्ती तैयार किया गया है। फरवरी 2026 तक लगभग 84 हजार किलो चाय पत्ती की बिक्री की गई है, जिससे लगभग एक करोड़ 48 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है।

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