, May 4 -- इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों और जैविक खेती करने वाले किसानों ने अपनी उपलब्धियों और सुझावों को साझा किया। इस दौरान कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. बीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, अपर सचिव श्रीमती कल्पना कुमारी सहित विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे।

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न हिस्सों आए किसानों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। वैशाली से आए किसान कामेश्वर सिंह कुशवाहा ने कहा कि जैविक खेती में शुरुआत में उत्पादन कम होता है, लेकिन अगले दो-तीन वर्षों में उत्पादन बढ़ने लगता है। साथ ही, उत्पादित फसलों का अधिक मूल्य मिलता है। उन्होंने बताया कि देश के 11 राज्यों में वे अपने उत्पाद बेचकर लाभ कमा रहे हैं।

वहीं सारण से आए नर्मदेश्वर गिरी ने कहा कि वे एक साथ कई फसलों की जैविक खेती करते हैं, जो आपस में प्रतिस्पर्धा नहीं करतीं और अधिक उत्पादन देती हैं।वैशाली से आए नवीन कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर इसके प्रचार-प्रसार और सरकारी सहयोग की मांग की।

इस कार्यशाला में सिवान के किसान अंकित कुमार, सारण से आए रंजीत कुमार सिंह समेत कई किसानों ने अपनी बात रखी।

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