, June 21 -- हरित विकास को इस पहल की मूल अवधारणा में शामिल किया गया है। विशेष रूप से पीपल, बरगद एवं पाकड़ जैसे भारतीय मूल के वृक्षों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो स्थानीय पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ दीर्घकालिक हरित आवरण प्रदान करेंगे। वहीं अमलतास, गुलमोहर एवं सेमल जैसे पुष्पीय वृक्षों के माध्यम से आकर्षक थीम आधारित पुष्प उद्यान विकसित किए जाएंगे। गंगा तट की ओर उन्मुख बैठने की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे आगंतुक प्राकृतिक परिवेश और नदी के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकें। विकास आयुक्त ने भारतीय मूल की प्रजातियों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि हरित विकास स्थानीय पारिस्थितिकी, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप होना चाहिए।

स्वतंत्रता सेनानी पार्क को इस समग्र विकास का एक प्रमुख आकर्षण बनाया जाएगा, जहां बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और उसके महानायकों के योगदान को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह स्थल नई पीढ़ी को राज्य के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

पर्यटकों एवं नागरिकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकास आयुक्त ने पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों, अंडरपास, दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की विस्तृत एवं समन्वित योजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही परियोजना के वर्तमान स्वरूप एवं भावी विकास को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के लिए ड्रोन इमेजरी तथा रेंडर्ड विजुअल्स तैयार करने को कहा, ताकि नागरिकों एवं पर्यटकों के समक्ष इसकी व्यापक परिकल्पना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

इस बहु-विभागीय पहल के अंतर्गत विभिन्न एजेंसियां अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन सुविधाओं, वाटर मेट्रो जेट्टी एवं पर्यटन घाटों का विकास किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग गंगा चैनल एवं जल-आधारित अवसंरचना के विकास का कार्य करेगा। शहरी विकास एवं आवास विभाग पटना हाट, वेस्ट-टू-वंडर पार्क, दुकानों तथा नागरिक सुविधाओं का विकास कर रहा है। बीयूडीसीओ की ओर से सीवरेज, इंटरसेप्टर ड्रेन एवं उपचारित जल प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है, जबकि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग हरित क्षेत्रों, बॉटनिकल गार्डन एवं बटरफ्लाई गार्डन के विकास का कार्य करेगा। बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड परियोजना के समग्र निष्पादन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभा रहा है।

पर्यटन विभाग के अनुसार विद्युत उपलब्धता से संबंधित कार्यों को छोड़कर अन्य गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप प्रगति पर हैं।

विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से 31 अगस्त तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी लाने का निर्देश दिया। बिहार को प्राप्त गंगा का विशाल एवं प्राकृतिक नदी तट इस पहल को विशिष्ट बनाता है। देश में विरले ही ऐसे शहर हैं जहां नदी, इतिहास, संस्कृति और शहरी विस्तार की इतनी व्यापक संभावनाएं एक साथ उपलब्ध हों। इसी विशेषता को आधार बनाकर एक ऐसा हरित एवं सांस्कृतिक रिवरफ्रंट विकसित किया जा रहा है, जो प्रकृति, विरासत, पर्यटन और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का संतुलित समागम प्रस्तुत करेगा। विकास आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि यह पहल बिहार की विशिष्ट पहचान को सशक्त करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

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