, Sept. 16 -- जीविका के 11.88 लाख स्वयं सहायता समूहों, 73 हजार से अधिक ग्राम संगठनों और 1684 संकुल स्तरीय संघों में इस अभियान को योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है।पोषण माह के सफल क्रियान्वयन के लिये जीविका कर्मियों, संकुल स्तरीय संघ के पदाधिकारियों, मास्टर रिसोर्स पर्सन, सामुदायिक पोषण संसाधन सेवी एवं जीविका मित्रों ने पूरी सक्रियता के साथ अभियान को नई गति प्रदान की है। अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए गर्भवती महिला, धात्री महिला एवं 7 से 23 माह के बच्चों को लक्षितकर कार्य किया जा रहा है।

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गतिविधियों को त्रि-स्तरीय रणनीति के तहत सामुदायिक संगठनो द्वारा संचालित किया जा रहा है।स्वयं सहायता समूह स्तर पर प्रत्येक समूह की साप्ताहिक बैठक में पोषण पर चर्चा अनिवार्य की गई है। बैठकों में संतुलित आहार, स्थानीय मोटे अनाज के उपयोग, एनीमिया से बचाव, स्तनपान के महत्व, 7 से 23 माह के नवजात की देखभाल एवं उसके बाद बाद पूरक आहार, किचन गार्डन एवं साफ-सफाई पर विशेष चर्चा की जा रही है। जीविका दीदियों को अपने-अपने घरों में पोषण वाटिका लगाने के लिये प्रेरित किया जा रहा हैं।

ग्राम संगठन स्तर पर ग्राम संगठनों द्वारा पोषण संबंधी रैलियों, प्रभात फेरियों, आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय बैठक, किशोरी बालिकाओं के लिए माहवारी स्वच्छता एवं एनीमिया जाँच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रमों को पोषण संदेश के साथ जोड़ा जा रहा है।

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