, Aug. 31 -- म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में बेगूसराय, दरभंगा, सारण, समस्तीपुर एवं मुजफ्फरपुर का प्रदर्शन बेहतर रहा। मंत्री ने अन्य जिलों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समय-सीमा का पालन नहीं करने और लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा में परिमार्जन प्लस के तहत डिजिटाइज्ड जमाबंदी मामलों में बांका, कैमूर, रोहतास, शेखपुरा एवं औरंगाबाद का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। छूटी हुई जमाबंदियों के निष्पादन में कैमूर, पटना, रोहतास, सारण एवं मधुबनी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
ई-मापी के मामलों में जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे। अभियान बसेरा-02 में सहरसा, जमुई, बेगूसराय, पटना एवं कैमूर शीर्ष पांच जिलों में शामिल थे।
मंत्री ने सभी अपर समाहर्ताओं को राजस्व महाअभियान से जुड़े मामलों का गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही फार्मर रजिस्ट्रेशन के लंबित अप्रूवल मामलों को शून्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
जनशिकायत एवं अतिक्रमण वादों की समीक्षा करते हुए डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि जनता को कार्यालयों के चक्कर लगवाना और मामलों को बेवजह लंबित रखना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और काम का परिणाम देना होगा। लापरवाही सामने आने पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने भूमि अतिक्रमण के मामलों के ऑफलाइन निष्पादन करने वाले अरवल, बांका, बेगूसराय, बक्सर, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नवादा, नवादा एवं रोहतास जिले के अंचल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव गिरधारी लाल, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर, विशेष कार्य पदाधिकारी श्रीमती सुधा रानी, विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, प्रशाखा पदाधिकारी राजीव शंकर एवं दीनदयाल राम उपस्थित थे।
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