, June 18 -- मंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं की प्रगति सीधे तौर पर भू-अर्जन की गति पर निर्भर करती है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि सभी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अपने कार्यालयों में परियोजनावार प्रगति की अद्यतन जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें। इससे न केवल कार्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि आम लोगों और संबंधित विभागों को भी परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।

डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक भू-अर्जन परियोजना की अद्यतन स्थिति नियमित रूप से एमआईएस पोर्टल पर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य मुख्यालय से अब परियोजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और अधिक सघन रूप से की जाएगी तथा आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सड़क, रेलवे और अन्य जनहित की परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हों। इसके लिए आवश्यक है कि भू-अर्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता का समुचित समन्वय दिखाई दे।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित लंबित मामलों, भुगतान की स्थिति तथा प्रक्रियागत चुनौतियों की जानकारी दी।

मंत्री ने सभी मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, अपर सचिव प्रशांत सीएच, निदेशक भू-अर्जन कमलेश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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