, Oct. 8 -- इस मौके पर विभाग के सचिव जय सिंह ने भी अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अंचल अधिकारियों को लॉगिन में उपलब्ध जमाबंदियों के सत्यापन और सुधार की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी स्वयं प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें। कितनी जमाबंदियों का सत्यापन हुआ, कितनी में सुधार किया गया और कितनी लंबित हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी अंचल स्तर पर उपलब्ध होनी चाहिए। अभियान को केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे नहीं छोड़ा जाए।समीक्षा के दौरान अभियान बसेरा, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, जमाबंदी वेरिफिकेशन, लॉक-अनलॉक, सरकारी भूमि की पहचान तथा मांग के अनुसार अनस्कैन्ड भू-अभिलेख उपलब्ध कराने सहित अन्य राजस्व कार्यों की भी समीक्षा की गई।

अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन लाभुकों के सभी आवेदन लेने और किसी भी पात्र व्यक्ति को आवेदन से वंचित नहीं करने का निर्देश दिया गया। साथ ही शेष भू-अभिलेखों की स्कैनिंग में तेजी लाने को कहा गया।

मंत्री एवं सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कार्य शुरू करें और आवश्यक कागजात के इंतजार में मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। अभियान की प्रगति की मुख्यालय स्तर से नियमित समीक्षा की जा रही है।

बैठक में अपर सचिव अमित कुमार पांडेय, अपर सचिव डॉ.महेंद्र पाल,आजीव वत्सराज, संयुक्त सचिव डॉ.सुनील कुमार, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर, अनुपम प्रकाश, उप सचिव अविनाश कुमार, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, प्रशाखा पदाधिकारी राजीव किशोर, दीनदयाल राम सहित चारों जिलों के अंचल अधिकारी उपस्थित थे।

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