, May 27 -- मंत्री डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि काम में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब विभागीय मुख्यालय पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है तो फील्ड स्तर के अधिकारियों को भी उसी प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आम जनता का विश्वास दोबारा स्थापित करना विभाग की सबसे बड़ी चुनौती है और यह केवल समय पर कार्य निष्पादन से ही संभव है।उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई का विशेष सेल गठित किया गया है और विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं।

समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन तथा आरसीएमएस के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने लंबी अवधि से लंबित मामलों के तत्काल निष्पादन का निर्देश दिया है।

ई-मापी व्यवस्था पर सख्ती दिखाते हुए मंत्री ने कहा कि जमीन मापी से जुड़ा हर कार्य केवल ऑनलाइन मोड में ही किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी अब भी ऑफलाइन तरीके से काम करते पाए गए तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को सभी अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति की जांच करने तथा स्थानीय स्तर पर अंचलाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश भी दिया।

राजस्व मंत्री ने तीनों जिलों की रैंकिंग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कटिहार 23 वें, पूर्वी चंपारण की रैंकिंग 25वें और गोपालगंज की 16वें स्थान पर है, जबकि सभी जिलों को टॉप-10 में स्थान बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना होगा।

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