, May 15 -- ई-मापी मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जमीन मापी से जुड़े मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो। उन्होंने कहा कि हाल में अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण करीब 48 हजार मापी के मामले लंबित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन 30 जून तक करने के निर्देश दिये गये हैं।

बैठक में भू अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के करीब 33 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है। इसके माध्यम से अब आम लोगों को भू अभिलेख की नकल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 15 लाख से अधिक लोगों को ऑनलाइन नकल उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के करीब आठ हजार गांवों का कैडेस्ट्रल खतियान गायब है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन निकालकर लोगों से इसमें मदद ली जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के पास वह उपलब्ध है तो वह सरकार को उपलब्ध करा सकता है।

मंत्री ने भू-लगान की स्थिति की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को भू-लगान की दरों में वृद्धि की संभावनाओं पर विमर्श करने का निर्देश दिये।

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