, May 2 -- ग्राउंड लेवल पर डेटा संग्रहण के लिए 7,963 प्रगणकों की तैनाती की गई है। ये प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इसके साथ ही 1,343 पर्यवेक्षक को नियुक्त किया गया है, जो प्रगणकों के कार्य की निगरानी करेंगे तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे।किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 899 प्रगणक एवं 154 पर्यवेक्षकों का एक 'रिजर्व पूल' भी तैयार रखा गया है। यह पूल कार्य की निरंतरता बनाए रखने एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने में सहायक होगा।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि 'जनगणना 2027' देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। इस बार आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण, संकलन एवं विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक एवं पारदर्शी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इस जनगणना की एक महत्वपूर्ण विशेषता 'स्व-गणना' की सुविधा है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पटना जिले में इस पहल को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। अब तक लगभग 2.5 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर दी है।

जिला पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्होंने स्व-गणना कर ली है, तो प्रगणक के आगमन पर अपना रेफरेंस नंबर अवश्य साझा करें। इससे डेटा सत्यापन की प्रक्रिया तेज एवं सरल हो सकेगी।

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