, July 25 -- पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिलों में दंगा-रोधी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।शुक्रवार को पुलिस ने कई जिलों में फ्लैग मार्च भी किया तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी।
पटना, सारण, सिवान, भागलपुर, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण, लखीसराय तथा कुछ अन्य जिलों से हिंसा की घटनाएं सामने आईं।
सिवान में सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस पर जमकर पथराव किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तथा हवाई फायरिंग भी की।
छपरा में प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों पर चढ़ गए, पोस्टर फाड़ दिए और बैरिकेड हटा दिए। नगर पालिका चौक पर एक पुलिस वाहन में आग लगा दी गई, जबकि तरैया में डायल-112 के एक अन्य वाहन में तोड़फोड़ की गई। बाद में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
भागलपुर में तिलका मांझी चौक के पास सड़क जाम हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे आधा दर्जन से अधिक सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
सीतामढ़ी में कलेक्ट्रेट गेट के पास शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार तोड़ दिया, पुलिसकर्मियों और सरकारी भवनों पर पथराव किया तथा एक खड़े वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया।
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