पटना , अप्रैल 01 -- बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण से अनुरोध किया है कि बिहारवासियों के व्यापक हित में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत होनेवाले खर्च को बढ़ाया जाए।

चैम्बर अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले सीएसआर के तहत बिहार में मात्र 0.74% खर्च होने के कारण राज्य मे स्वास्थ्य, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल,अनाथ बच्चों के लिए आश्रय एवं घर का निर्माण, सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना एवं पारंपरिक कलाओं का विकास, पूर्व सैनिकों के आश्रितों के हित का कार्य, ग्रामीण खेलों एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एवं पुनर्वास गतिविधियों का संचालन आदि से सम्बंधित कार्य बाधित हो रहा है।

श्री अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर सीएसआर के तहत वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 27,141 करोड़, 2022-2023 में 30,932 करोड़ और 2023-2024 में 34,908 करोड़ रूपये खर्च हुआ है, जबकि बिहार में वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 178 करोड़, 2022-2023 में 241 करोड़ एवं 2023-2024 में 260 करोड़ खर्च किए गये, जो कि कुल सीएसआर खर्च का मात्र 0.66%, 0.78% एवं 0.74% ही हैं।

चैंबर के अध्यक्ष ने कहा कि बिहार देश की लगभग 9% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और सीएसआर में बिहार की हिस्सेदारी बढ़ने से केन्द्र सरकार की पूर्वी भारत के विकास को गति प्रदान करने के लिए लायी गयी ''पूर्वोदय'' योजना को साकार करने में मदद मिलेगी।

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