, Aug. 19 -- फिल्म में करीब 168 कलाकारों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से विभिन्न किरदारों को जीवंत किया है। इसके अलावा लगभग 1000 जूनियर आर्टिस्टों के साथ बैल, घोड़े और हाथी का भी फिल्मांकन किया गया है। फिल्म में चम्पारण के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के उन पहलुओं को दृश्य माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।फिल्म की सह-निर्मात्री डॉ. सीमा रानी, अस्मिता राज और सुरभि श्रीवास्तव हैं। गीतकार पंडित अश्विनी कुमार 'आंसू' और डॉ. राजेश अस्थाना हैं। संगीतकार स्नेहाशीष शिबू देब हैं। छायांकन अशोक माही, कास्टिंग निर्देशन शहजाद खान, बिजनेस हेड आकाश मित्तल और प्रोडक्शन हेड सम्राट हैं। स्थिर छायांकन रिंकू गिरी ने किया है।

फिल्म का संपादन मुंबई में बिहार के चर्चित फिल्म संपादक कृष्ण मुरारी यादव ने किया है। पोस्ट प्रोडक्शन जी फोकस स्टूडियो मुंबई, डीआई संपादन राज मिनरुल, वीएफएक्स एवं क्रोमा रविन्द्र कुमार मौर्य, थ्री-डी सुरेंद्र पंडित, मिक्सिंग शाहनवाज, साउंड डिजाइन राजा यादव और पीआरओ की जिम्मेदारी समरजीत ने संभाली है।

1917 के चम्पारण सत्याग्रह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की अंतरराष्ट्रीय सफलता ने बिहार के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सिनेमाई महत्व को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया है। चम्पारण की धरती से निकली यह कहानी अब फिल्म समारोहों और पुरस्कारों के माध्यम से देश-विदेश में अपनी पहचान बना रही है।

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