, May 26 -- राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर से कचरा उठाव, इसके निष्पादन एवं साफ-सफाई के लिए राज्य भर में वार्ड स्तर पर रखे गये एक लाख 30 हजार अधिक स्वच्छता कर्मियों, ग्राम पंचायत स्तर पर योगदान दे रहे आठ हजार से अधिक स्वच्छता पर्यवेक्षकों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है । सर्वेक्षण में यह पाया गया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण एवं उसके नियमित उपयोग को सुनिश्चित करने, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित करने तथा कचरे के समुचित निपटान की दिशा में प्रभावी कार्य हुए हैं। जीविका दीदियों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने स्वच्छता अभियान को व्यापक जन समर्थन प्रदान किया है ।

ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में बिहार में ग्रामीण स्वच्छता को केवल निर्माण आधारित कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे सामुदायिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता से जोड़ा गया। पंचायत स्तर पर जागरूकता, सतत परिश्रम, नियमित अनुश्रवण एवं निगरानी के कारण सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के अंतर्गत देशभर के 33 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 744 जिलों तथा 20,659 गांवों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया । इस दौरान 3.22 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तथा 1.03 लाख से अधिक सार्वजनिक संस्थानों एवं सामुदायिक परिसरों का आकलन किया गया।

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