, May 26 -- लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के मिशन निदेशक सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका,हिमांशु शर्मा ने इसे ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में बिहार की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं । उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में संबंधित विभागों, ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधियों, सभी समुदायों का योगदान है । स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है और जन-जागरूकता के माध्यम से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए नई उपलब्धियों की ओर आगे बढ़ाया जाएगा । राज्य समन्वयक राजेश कुमार ने कहा कि स्वच्छता सीधे व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा विषय है और सामुदायिक सहयोग के बिना ऐसी उपलब्धि संभव नहीं है। उन्होंने स्वच्छता से जुड़े सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी ।

ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्रथम चरण शुभारंभ वर्ष 2014 से अब तक एक करोड़ 50 लाख 54 हजार व्यक्तिगत शौचालायों एवं भूमिहीन परिवारों के लिए 9,431 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण हुआ है । लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान - द्वितीय चरण (2020- 21 से 2026-27) अंतर्गत राज्य के सभी वार्डों से घर-घर से ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जा रहा है । इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के सभी वार्डों में प्रति वार्ड एक पैडल रिक्शा एवं ग्राम पंचायत स्तर पर एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गयी है । ठोस अपशिष्ट के समुचित निष्पादन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 7221 अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण किया गया है ।

प्लास्टिक अपशिष्टों के उचित निष्पादन के लिए प्रखंड / अनुमंडल स्तर पर 171 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई स्थापित किये गये हैं । तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 2,13,452 सामुदायिक सोक पिट, 83 344 जंक्शन चैंबर एवं 24,664 नाली निकासी बिंदु इत्यादि का निर्माण किया गया है । राज्य के सभी जिलों में 38 गोबरधन बायोगैस इकाई का निर्माण किया गया है ।

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