, April 13 -- इसके अलावा जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए हमारा बिहार हमारी सड़क ऐप के माध्यम से आम जनता की ओर से दर्ज की गई शिकायतों के निवारण की स्थिति की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। इसके साथ-साथ स्थानीय लोगों को हमारा बिहार हमारी सड़क ऐप के बारे में जागरूक भी किया गया।

विभागीय स्तर पर विशेष रूप से उन योजनाओं और ग्रामीण सड़कों पर पैनी नजर रखी गई है, जहाँ 15 प्रतिशत से कम दर पर निविदाएँ स्वीकृत हुई हैं। ऐसे सभी निर्माण स्थलों का जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान जाँच अधिकारियों द्वारा पर्ट चार्ट, मिट्टी कटाई स्थल, खनन चालान, बिटुमेन चालान और आवश्यक उपकरणों की मौके पर जाकर विस्तृत जाँच की गई। इसके अतिरिक्त, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड से बाहर हो चुकी ग्रामीण सड़कों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिन ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, उनके संवेदकों को सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सुधार करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में त्रुटियों का निवारण नहीं होने पर संवेदक के रिस्क एंड कॉस्ट पर अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही जाँच रिपोर्ट के आधार पर गुणवत्ता से समझौता करने वाले किसी भी दोषी पदाधिकारी अथवा संवेदक को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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