पटना , अप्रैल 19 -- ाज्य में ग्रामीण सड़क संपर्कता को टिकाऊ, सुरक्षित और बारहमासी बनाने की दिशा में बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति प्रभावी रूप से एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है। ग्रामीण कार्य विभाग ने इस नीति के तहत सड़कों के संरक्षण, नियमित रख-रखाव और समयबद्ध मरम्मत की एक सुदृढ़ प्रणाली विकसित की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध,सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित हो रहा है।

इस नीति के अंतर्गत नियमित, आवधिक एवं आपातकालीन अनुरक्षण कार्यों को एक समेकित ढांचे में संचालित किया जा रहा है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और किसी भी मौसम में यातायात प्रभावित न हो।

इस योजना के अंतर्गत अब तक पूरे प्रदेश में कुल 16,166 ग्रामीण सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसकी निर्धारित लंबाई 40,245 किलोमीटर है। इनमें से 15,666 सड़कों का प्रारंभिक सुधार किया जा चुका है, जिससे 37,833 किलोमीटर सड़कें सुदृढ़ हुई हैं। इसके साथ-साथ 15,557 सड़कों का सतह नवीनीकरण किया जा चुका है, जिससे 37,676 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है। वहीं शेष सड़कों पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।

इस योजना के अंतर्गत उन ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जो अधिकतम आबादी को मुख्य मार्गों से जोड़ती हैं। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है तथा समग्र विकास को गति मिल रही है।

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