, April 17 -- कृषि विभाग के विशेष सचिव बीरेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को संकलित कर राज्य के लिए एक व्यावहारिक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बिहार में सब्जी, मसाला एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण-सामग्री की आत्मनिर्भर आपूर्ति प्रणाली स्थापित की जा सके।
उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि बिहार में उद्यानिकी रोपण सामग्री का 80 प्रतिशत से ज्यादा बिहार के बाहर के राज्यों से आपूर्ति करायी जाती है, फलस्वरूप परिवहन भाड़ा के साथ रोपण सामग्रियाँ कृषक तक उच्च मूल्य पर प्राप्त हो पाती है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अन्तर्गत 300 से ज्यादा नर्सरियाँ एवं 60 से ज्यादा कृषि फार्म आधारभूत संरचना के साथ सुदृढ़ किया गया है, जहाँ पीपीपी मॉडल आधारित सब्जी बीज एवं रोपण सामग्री का उत्पादन किया जा सकता है।
चर्चा के दौरान पीपीपी आधारित "हब-एंड-स्पोक" मॉडल, स्थानीय नर्सरियों के उन्नयन, बीज ग्राम अवधारणा, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, तथा डिजिटल ट्रैकिंग एवं पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत सुझाव प्राप्त हुए। साथ ही, किसानों के हितों की सुरक्षा, समयबद्ध आपूर्ति एवं गुणवत्ता आश्वासन को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर कृषि निदेशक, सौरभ सुमन यादव, प्रबन्ध निदेशक, बिहार राज्य बीज निगम, स्पर्श गुप्ता, निदेशक बसोका, संतोष कुमार उत्तम, निजी बीज कंपनियों के प्रतिनिधि, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, डॉ आरपीसीएयू, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के वैज्ञानिक एवं अन्य विभागीय वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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