, Sept. 3 -- जिलाधिकारी ने नगर निगम, जल संसाधन विभाग एवं बुडको के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रातभर में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने, पर्याप्त संसाधन एवं मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि शहर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी कुन्दन कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने पुनपुन नदी पर निर्मित रामपुर लवाईज बैराज का निरीक्षण किया। संबंधित कार्यपालक अभियंता ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि क्षेत्र में जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में एवं सामान्य है।

जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक अभियंता को जिले के सभी तटबंधों की लगातार एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी तटबंधों में किसी प्रकार की क्षति, कटाव अथवा कमजोर स्थिति दिखाई दे, वहां तत्काल आवश्यक मरम्मती एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए, जिससे संभावित आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

जिलाधिकारी ने चंडासी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का भी जायजा लिया तथा मौके पर संबंधित पदाधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा जलस्तर में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन की निरंतर निगरानी करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।गंगा नदी के तट बंध पर अथमलगोला के रामनगर दियारा में, खुसरूपुर में कठौतिया नदी के तटबंध , मोकामा में गंगा नदी के तटबंध पर बराहपुर में तथा पुनपुन के गोपालपुर-तारणपुर क्षेत्र में तटबंधों की मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गया है। सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की क्षति अथवा खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों के लिए बाढ़ अंचल में एक, दानापुर अंचल में एक तथा पटना पाटलिपुत्र अंचल में दो राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई समेत आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। बाढ़ अंचल में दो, दानापुर अंचल में एक तथा पटना पाटलिपुत्र अंचल में दो पशु शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, आवश्यक दवाइयों एवं उपचार की व्यवस्था की गई है।

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