, Sept. 8 -- पंडारक में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रही। यहां गंगा का जलस्तर 43.69 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 43.70 मीटर से 0.01 मीटर नीचे है और जलस्तर स्थिर है। इसके विपरीत हाथीदह में नदी 43.38 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से 1.62 मीटर ऊपर है। यहां भी जलस्तर स्थिर बना हुआ है।मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.96 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 39.33 मीटर से 0.63 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर में गिरावट का रुख है।
भागलपुर जिले में सुल्तानगंज में स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां गंगा का जलस्तर 36.81 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 34.50 मीटर से 2.31 मीटर ऊपर है। यह जलस्तर निर्धारित उच्चतम बाढ़ स्तर 36.75 मीटर से भी 0.06 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर स्थिर है।
भागलपुर में गंगा 34.60 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से 0.92 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर स्थिर है। कहलगांव में जलस्तर 32.81 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 31.09 मीटर से 1.72 मीटर ऊपर है और बढ़ रहा है।
अजमाबाद में गंगा का जलस्तर 31.91 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 30.54 मीटर से 1.37 मीटर ऊपर है। यहां भी जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है।
साहेबगंज में गंगा 28.58 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से 1.33 मीटर ऊपर है। यहां भी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गंगा के ऊपरी हिस्से में कई स्थानों पर जलस्तर घट रहा है या स्थिर है, जबकि भागलपुर से साहेबगंज की ओर इसके बढ़ने का रुख बना हुआ है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित