, Sept. 9 -- स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर नियमित रूप से व्यापक जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाए जाएं। साथ ही व्यवसायियों और आम लोगों को खाद्य सुरक्षा नियमों एवं मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान संचालित किया जाए।उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट फ़ूड सेफ्टी कम्प्लायंस सिस्टम पोर्टल पर तत्काल अपलोड करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के ऑफलाइन निरीक्षण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और विभागीय कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाया जा सकेगा। बैठक में खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए लाइसेंस एवं पंजीकरण की अनिवार्यता, खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन, मिलावट के विरुद्ध अभियान, शिकायतों के त्वरित निपटारे और ऑनलाइन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सेवा, फूड सर्विस प्रतिष्ठान, दूध एवं दुग्ध उत्पाद तथा खाद्य तेल से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर निरीक्षण, पारदर्शी कार्रवाई और जन-जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए, जिससे राज्य के नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। अमानक पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, खाद्य तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की विशेष निगरानी की जाएगी। नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य के साथ वैज्ञानिक जांच एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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