पटना , सितंबर 02 -- बिहार कैबिनेट ने बुधवार को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने को मंजूरी दे दी है।

मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आज 27 निर्णयों पर मुहर लगी। उन्होंने कहा कि 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना के विस्तार को स्वीकृति भी प्रदान की गई। इसके तहत विद्यार्थी बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन के माध्यम से अधिकतम चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत कैबिनेट ने बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी महासंघ लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी। वर्ष 2026-27, 2027-28 और 2028-29 में लागू होने वाली इस योजना की अनुमानित लागत 14.7985 करोड़ रुपये है।

कैबिनेट ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले दुधारू पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा नस्ल सुधार कार्यक्रम को सुदृढ करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत दो हिफर (बछिया-पाड़ी) पालन केन्द्रों की स्थापना का फैसला लिया है। बक्सर के डुमरांव स्थित हरियाणा पशु प्रजनन प्रक्षेत्र एवं मुंगेर में स्थापित होने वाले इन केन्द्रों में 500-500 हिफर का पालन किया जाएगा। आधुनिक प्रजनन तकनीकों के उपयोग से उच्च गुणवत्ता वाली मादा बछियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत हिफर (बछिया-पाड़ी) पालन केन्द्रों की स्थापना के लिए भारत सरकार की ओर से स्वीकृत अनुदान रुपये 4,55,00,000/- (चार करोड़ पचपन लाख रूपये ) सहित कुल परियोजना लागत रुपये 73,47,79,000/- तिहत्तर करोड़ सैंतालीस लाख उनासी हजार रूपये ) की स्वीकृति तथा शेष राशि रुपये 68,92,79,000/- (अड़सठ करोड़ बानवे लाख उनासी हजार रूपये ) का व्यय राज्य स्कीम सात निश्चय-3 के अंतर्गत किये जाने की स्वीकृति मंत्रिमंडल की ओर से प्रदान की गई है।

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