, Sept. 16 -- श्री चौहान ने इस दौरान कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता के रूप में सात हजार रुपये की राशि उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से भेजने का काम शुरू किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव के माध्यम से चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों को भेजकर चिकित्सा सुविधा और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय, पेयजल, सूखा राशन और गर्म भोजन की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने राज्य आपदा मोचन कोष और उपलब्ध संसाधनों से तत्काल सहायता उपलब्ध करा रही है। कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी प्रारंभिक स्तर पर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल बिहार भेजा जाएगा, जो कृषि फसलों, सड़कों, पुल-पुलियों, मकानों और पशुधन को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगा।
श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के तहत आवश्यक प्रस्ताव भेजे जाने पर केंद्र सरकार के स्तर से नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं और किसी भी प्रभावित परिवार को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री आज दिनभर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों और राहत शिविरों का जायजा लेने के बाद शाम को मुख्यमंत्री आवास, अणे मार्ग में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के अधिकारी उनके साथ राहत सामग्री के वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल क्षति, मुआवजे तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
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