पटना , मार्च 28 -- बिहार के झरने और जलप्रपात अब राज्य के इको टूरिज्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।

आजकल ये स्थल पर्यटकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग यहां छुट्टियां बिताने तथा सुकून के पल गुजारने पहुंच रहे हैं।राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित प्राकृतिक जलप्रपात अपनी मनोरम सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में ये पर्यटकों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल भी बनते जा रहे हैं। पहाड़ों से गिरता पानी, घने जंगल, ठंडी हवा और शांत वातावरण लोगों को प्रकृति के करीब आने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

रोहतास और कैमूर की पहाड़ियों में स्थित कई जलप्रपात पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। रोहतास जिले का तुतला भवानी जलप्रपात लगभग 180 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जलप्रपात के पास स्थित तुतला भवानी मंदिर के कारण यह स्थान धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यहां गिरते पानी की फुहार और ठंडी हवा पर्यटकों को रोमांचित कर देती है।इसी जिले में स्थित मांझर कुंड और धुआं कुंड भी बेहद खूबसूरत प्राकृतिक झरने हैं। कैमूर की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित ये झरने प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थल हैं। पहाड़ों से गिरते पानी की आवाज और आसपास का शांत वातावरण लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराता है।

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