पटना , अप्रैल 04 -- िहार में हर क्षेत्र में समांतर विकास के लिए काम कर रही डबल इंजन की सरकार में छोटे स्टार्टअपों ने भी नयी जान फूंक दी है। नयी पीढ़ी के नौजवानों ने तो नौकरी को प्राथमिकता न देकर स्टार्टअप बिहार लोन का लाभ उठा कर इनोवेटिव कंपनियों को शुरू कर छोटे-बड़े शहरों में बड़ा काम किया है।

बिहार सरकार अंर्तगत उद्योग विभाग के स्टार्टअप बिहार योजना से 10 लाख की सहायता राशि लेकर बीते चार -पांच सालों में भारतीय व विदेशों के बाजारों में परचम लहराया है।

राजधानी के सैदनपुर गांव से शुरू होने वाले स्टार्टअप गौरस आज अपने प्रोडक्ट के दम पर लोगों के दिलों पर छाई हुई है। स्टार्टअप के फाउंडर कुंदन सिंह ने बताया कि पंजाब में 14 साल नौकरी करने के बाद कोरोना काल में अपने गांव लौटा। गांव लौटने पर कंपनी में कॉपरेट सोशल रेस्पॉन्सिब्लिटी में दूध प्रोडक्ट पर काम करने का अनुभव अपने गांव में शुरू किया। सबसे पहले बिहार सरकार के स्टार्टअप बिहार योजना से 10 लाख का ऋण प्राप्त किया। जिसके बाद राजस्थान जाकर शाहिबाल नस्ल की गाय को अपने गांव लेकर आया। आज गौरस ब्रांड अपने दूध, दही, पनीर, घी को लेकर बेहद चर्चित है। ग्राहकों को उनके प्रोडक्ट में देशीपन की खुशबू भी महकती है। साथ ही इस व्यापार के बहाने गौ सेवा का भी मौका प्राप्त हुआ है। उनके स्टार्टअप को तत्कालीन मत्स्य पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी एवं तत्कालीन उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने भी सम्मानित किया है।

अररिया जिले के रहने वाले मयंक गुप्ता को अपने स्टार्टअप के दम पर इनोवेटिव स्टार्टअप ऑफ दी ईयर का किताब हासिल हुआ है। सेवासिटी ऐप के फाउंडर मयंक गुप्ता ने अपने स्टार्टअप स्टोरी को साझा करते हुए बताया कि 2023 में सिंबोसिस कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने डेढ़ साल तक नौकरी करने का सोचा। इसी बीच उन्होंने स्टार्टअप बिहार योजना से 10 लाख का ऋण हासिल करके सेवासिटी एप का आविष्कार किया। जिससे छोटे शहरों में चल रहे लोकल व्यापार को देश-विदेश तक प्रमोशन मिल सकें। उन्होंने यह भी बताया 2021 में शुरू हुए इस स्टार्टअप को आज 50 हजार से अधिक लोग इस्तेमाल कर रहे है। वहीं एनआइटी पटना, डीआइएम पटना, आइआइएम कलकत्ता ने भी इस एप को सहयोग किया है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 4 करोड़ का राजस्व उत्पन्न किया है।

बिहार सरकार की ओर से शुरू किये गये स्टार्टअप बिहार योजना नये निवेशकों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अब बिहार के नौजवानों से उद्यमी बनने की तैयारी कर रहे है।

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