पटना , अगस्त 21 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर भारत-नेपाल के बीच जल से संबंधित समस्यायों, बांधों के निर्माण तथा अन्य परियोजनाओं सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
श्री चौधरी और श्री जयशंकर के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब नेपाल में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विदेशमंत्री से मुलाकात के दौरान नेपाल से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें जल प्रबंधन प्रमुख विषय रहा। बैठक में भारत-नेपाल जल मुद्दों के अलावा बांधों के निर्माण और अन्य परियोजनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बिहार और नेपाल के बीच एक लंबी सीमा रेखा है और राज्य के उत्तरी जिलों में हर साल नेपाल की नदियों से छोड़े गए पानी की वजह से बाढ़ का सामना करना पड़ता है। उत्तर बिहार में कोसी, गंडक, बागमती, कमला और महानंदा नदियाँ नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में जलप्रवाह के साथ प्रवेश करती हैं और भीषण बाढ़ की स्थित उत्पन्न हो जाती है। भारत-नेपाल बाढ़ प्रबंधन की चर्चाओं में कोसी बेसिन लंबे समय से विशेष रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय रहा है।
इस समस्या के निदान के लिए बिहार लंबे समय से नदी के जलप्रवाह, बाढ़ पूर्वानुमान, तटबंधों की सुरक्षा और जल संबंधी बुनियादी ढांचे के लिए नेपाल के साथ बेहतर समन्वय की मांग करता रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी और विदेशमंत्री श्री जयशंकर की इस मुलाकात के बाद लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान की उम्मीदे बढ़ी हैं। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय नदियों के प्रबंधन के लिए केवल निचले क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण उपायों पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
नई दिल्ली की इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय झा के साथ केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की और बिहार से जुड़े बजट संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान पर्यटन, विकास तथा बिहार के हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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