पटना , जुलाई 24 -- िहार में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। पर्यटन विभाग राज्य के प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए नए सिरे से ईको टूरिज्म का मास्टर प्लान तैयार करेगा। इसके तहत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की संभावनाओं का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विकास की कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे बिहार को देश के प्रमुख ईको टूरिज्म गंतव्यों में शामिल किया जा सके।

पर्यटन विभाग के अनुसार, बिहार में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस योजना पर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में ऐसे स्थलों की पहचान की जाएगी, जहां प्राकृतिक पर्यटन की बेहतर संभावनाएं हैं। इन स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास कर पर्यटकों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।

योजना के पहले चरण में नालंदा, पश्चिम चंपारण, अररिया, किशनगंज, बांका, कैमूर और सहरसा को प्राथमिकता दी गई है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार , पिछले कुछ वर्षों में नालंदा में सबसे अधिक पर्यटक पहुंचे हैं, जबकि पर्यटकों की संख्या में सबसे तेज वृद्धि कैमूर जिले में दर्ज की गई है। हाल के दिनों में कैमूर तेजी से ईको टूरिज्म के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है।

मास्टर प्लान के तहत चयनित पर्यटन स्थलों के व्यवस्थित, सतत और आर्थिक विकास के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। विभाग का मानना है कि इस पहल से बिहार में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित