, April 15 -- अक्टूबर 2025 में आई अतिवृष्टि, बाढ़ और मोन्था तूफान से प्रभावित 12 जिलों के किसानों को राहत देने के लिए विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति वाले किसानों के लिए अनुदान की प्रक्रिया तेज की गई, जिसमें असिंचित फसलों के लिए 8,500, सिंचित के लिए 17,000 और बहुवर्षीय फसलों के लिए 22,500 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता राशि निर्धारित की गई।
रबी मौसम 2025-26 के दौरान उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्य में 13.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 3.90 लाख मीट्रिक टन डीएपी का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया। कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ विभाग ने 'जीरो टॉलरेंस' अपनाते हुए अब तक 454 से अधिक उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए हैं और 116 पर प्राथमिकी दर्ज की है ।
डिजिटल कृषि के क्षेत्र में बिहार ने देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। किसानों को रियल टाइम सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय का गठन किया गया है। इसके साथ ही एआई-आधारित 'बिहार कृषि' मोबाइल ऐप और चौटबॉट की शुरुआत की गई है। बिहार डिजिटल कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
किसान रजिस्ट्री और फार्मर आईडी एग्री-स्टैक परियोजना के तहत राज्य के करोड़ों किसानों की विशिष्ट फार्मर आईडी बनाई जा रही है, जिससे उन्हें आधार-लिंक्ड सरकारी सेवाओं का पारदर्शी लाभ मिल सके।डिजिटल फसल सर्वेक्षणरू रबी एवं खरीफ फसलों के सटीक आच्छादन क्षेत्र के आकलन के लिये डिजिटल फसल सर्वेक्षण को मिशन मोड में लागू किया गया है।
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