, July 15 -- सचिव ने कहा कि जो कर्मचारी बिना विधिवत अवकाश स्वीकृत कराए राज्य मुख्यालय में उनसे मिलने आते हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने मॉल, स्कूल, अस्पताल और मार्केट कॉम्प्लेक्स जैसे व्यावसायिक निर्माण कार्यों में उपयोग की जाने वाली मिट्टी पर भी निर्धारित रॉयल्टी वसूलने के निर्देश दिए। सचिव ने बताया कि राज्य मुख्यालय की एक टीम विभिन्न जिलों के खनन कार्यालयों का निरीक्षण करेगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निगरानी (विजिलेंस) ट्रैप मामलों में पकड़े गए अधिकारी निलंबित अथवा सेवा से पृथक रहें। उन्होंने अधिकारियों के लिए राज्य मुख्यालय स्तर पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित करने पर बल दिया, जिससे वे विभागीय प्रक्रियाओं, नियमों, ग्रेच्युटी की गणना, सेवानिवृत्ति लाभ तथा अनुकंपा नियुक्ति जैसे मामलों की जानकारी प्राप्त कर सकें।

सचिव ने बताया कि विभाग ईंट-भट्ठा संचालकों के बकाया भुगतान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लाने पर विचार कर रहा है, जिसे मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बकायेदार ईंट-भट्ठा संचालकों को केवल मूल राशि जमा करनी होगी और ब्याज की राशि माफ कर दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे भट्ठों के विरुद्ध लोक मांग वसूली (पीडीआर) की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश भी दिया।

बैठक के अंत में मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए विभाग के दो अधिकारियों आनंद किशोर एवं सचिन किशोर को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

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