पटना , अगस्त 11 -- िन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बिहार में पर्यटन विकास को गति देने की राज्य सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि गया-बोधगया और नालंदा-राजगीर के समग्र विकास के लिए तैयार 2,130 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने वाली है। प्रस्तावित योजना में गया-बोधगया के लिए 1,080 करोड़ रुपये तथा नालंदा-राजगीर के लिए 1,050 करोड़ रुपये की योजना शामिल है। राज्य सरकार ने इन योजनाओं के लिए केंद्र से शीघ्र सैद्धांतिक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

डॉ. सुमन ने कहा कि भगवान बुद्ध की ज्ञानभूमि बोधगया और प्राचीन नालंदा की विश्वविख्यात ज्ञान परंपरा बिहार की अमूल्य धरोहर है। राजगीर, पावापुरी, वैशाली और पटना साहिब जैसे स्थलों को भी बेहतर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की जरूरत है। आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सुरक्षा के विस्तार से बिहार में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तथा राज्य की सकारात्मक पहचान मजबूत होगी।

डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पर्यटन विकास का लाभ बिहार के स्थानीय लोगों और युवाओं तक पहुंचना चाहिए। गाइड, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, हस्तशिल्प और खान-पान जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार अपनी समृद्ध विरासत को आर्थिक विकास की ताकत में बदल सकता है। बिहार की विरासत अब बिहार के विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी।

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