, May 9 -- ड्रिप सिंचाई पद्धति के अंतर्गत अनुदान की सीमा न्यूनतम 0.5 एकड़ तथा अधिकतम 12.5 एकड़ और पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के अंतर्गत न्यूनतम एक एकड़ तथा अधिकतम पांच एकड़ तक के लिए अनुदान मिलेगा। वहीं, इस योजना का पूर्व में लाभ ले चुके किसानों को सात वर्षों के बाद ही पुनः लाभ मिलेगा। छोटे किसान समूह में भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म) एक उन्नत सिंचाई प्रणाली है, जिसके द्वारा पौधों की जड़ों में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाइपों द्वारा कम समय अंतराल पर पानी दिया जाता है। इससे पारंपरिक सिंचाई की तुलना में 60 प्रतिशत कम जल की खपत होती है।

इस योजना में ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई एवं रेनगन सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जाता है। इस प्रणाली को अपनाकर किसान 25 से 30 प्रतिशत उर्वरक की बचत कर सकते हैं। इस सिंचाई प्रणाली से फसल की उत्पादकता में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि तथा उत्पाद की गुणवत्ता उच्च होती है।

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