पटना , अक्तूबर 23 -- ंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने के कारण बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 28 अक्टूबर से 01 नवंबर के बीच राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस अवधि में राज्य के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन (आकाशीय बिजली चमकने), वज्रपात के साथ-साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार सतही हवा चलने की संभावना है। वज्रपात के कारण इंसानों, धन और पशुधन की हानि हो सकती है इसलिए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंधी और वज्रपात से खेतों में खड़ी फसलों और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवा और खराब मौसम के चलते झुग्गी-झोपड़ियों, टिन की छतों और कच्चे मकानों को क्षति पहुंच सकती है। चूंकि, वर्तमान में खरीफ फसलों की कटाई का समय है, इसलिए किसान अपनी पकी हुई फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रख लें। खेतों में कटी या खुले में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंध करें और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें। यदि अत्यधिक आवश्यक न हो, तो इस अवधि में कटाई का कार्य स्थगित रखें और मौसम सामान्य होने पर ही कटाई करें। आकाशीय बिजली चमकने और मेघगर्जन के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न जाएं।
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