पटना, जनवरी 15 -- बिहार और पूर्वांचल की अस्मिता को दुनिया भर में स्थापित करने के उद्देश्य से बनी संस्था पूर्वांचल एवं बिहार इंटरनेशनल (पूर्वी) के संस्थापक प्रवीण कुमार ने कहा कि बिहार दिवस के अवसर पर 22 मार्च 2026 को सिडनी में उनकी संस्था की तरफ से संस्कृति और स्वाभिमान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमे 21 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
श्री कुमार ने आज यहां संवाददाताओं को संबोधित कर हुए कहा कि वर्तमान में दस हजार से ज्यादा बिहारी विदेशों में उद्यमी या सफल पेशेवर की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात तथा पंजाब के प्रवासी नागरिकों ने अपने प्रदेश को आगे बढ़ने में बहुत योगदान दिया है, लेकिन यही योगदान बिहार के प्रवासियों की तरफ से नही आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी बिहारियो और पूर्वांचल के लोगों को इस क्षेत्र के विकास से जोड़ना उनकी संस्था पूर्वी की प्राथमिकता है।
पूर्वी के संस्थापक श्री कुमार ने कहा कि बिहार के पढ़े लिखे नौजवानऔर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ देश और विदेश में अपने झंडे गाड़ रहे हैं, लेकिन बिहार आज भी पिछड़ा है। उन्होंने कहा कि बिहार और पूर्वांचल की प्रतिभाओं को आगे लाना उनकी संस्था 'पूर्वी' की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार और पूर्वांचल के युवा स्टार्टअप शुरू करना चाहें, कला संस्कृति और खेलकूद में आगे बढ़ना चाहें, पूर्वी उनकी सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि 21 देश चिन्हित किये गए हैं, जहां रह रहे बिहारियों को प्रदेश के विकास से जोड़ा जाएगा।
श्री कुमार ने कहा कि उनकी संस्था 'पूर्वी' बिहार और पूर्वांचल के लोगों को उंस मानसिक स्थिति से निकालना चाहती है, जिसकी वजह से उन्हें खुद को बिहारी कहने में अपमान का बोध होता है। उन्होंने कहा कि यह बुद्ध, महावीर और गुरुगोविंद सिंह की धरती है। उन्होंने कहा कि बिहार का अतीत मगध से है, उसकी परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि संस्था 'पूर्वी' का उद्देश्य बिहार के गौरव को पुनः स्थापित करना है और उसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक वर्ष पूर्वी अंतरराष्ट्रीय महोत्सव अलग अलग देशों में मनाया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरप्रीत सिंह बंगा ने कहा कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सिख गुरु गोविंद सिंह के नाम से पंजाब से बिहार को जोड़ने वाला एक कॉरिडोर बनना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद प्रबंधन से जुड़े निशांत दयाल ने बताया कि कैसे उनकी संस्था पूर्वी बिहार और पूर्वांचल में खेल जगत की प्रतिभाओं को आगे लाने की योजना बना रही है। संजीव मुकेश ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को तलाशने की बात कही।
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