पटना , जुलाई 10 -- बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बिहार सरकार की औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज और नई स्टार्टअप नीति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन के साझा प्रयासों (डबल इंजन सरकार) का परिणाम है कि आज बिहार उद्योग और नवाचार (स्टार्टअप) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच रहा है।श्री मंगल पांडेय आज बयान जारी कहा कि बिहार में बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों के लिए बिहार सरकार द्वारा दिए जा रहे वित्तीय प्रोत्साहन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार पूंजीगत सब्सिडी, 40 करोड़ रुपये तक का ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति और बिजली शुल्क में विशेष छूट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं दे रही है। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त रोजगार सृजन प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे राज्य के युवाओं का पलायन थमेगा और वे अपने ही घर में सम्मानजनक आजीविका पा सकेंगे।

श्री पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने बड़े निवेशकों के लिए जो नीतियां बनाई हैं, वे बेमिसाल हैं। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ से अधिक का निवेश और 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने वाली मेगा परियोजनाओं को 10 एकड़ तक की भूमि मुफ्त आवंटित करने का निर्णय राज्य के औद्योगिक इतिहास में मील का पत्थर है। इसके अलावा फॉर्च्यून 500 कंपनियों को 25 एकड़ तक की भूमि निःशुल्क देना और अन्य उद्योगों को बियाडा की दरों पर 50 प्रतिषत तक की भारी छूट देना यह साबित करता है कि बिहार अब ''बिजनेस फ्रेंडली'' राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।

नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की स्टार्टअप नीति की सराहना करते हुए श्री पांडेय ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार द्वारा चयनित स्टार्टअप्स को 10 लाख तक का ब्याज-मुक्त सीड फंड देना एक क्रांतिकारी कदम है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित