, Oct. 8 -- इस अवसर पर प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स पटना ने 100वें कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की उपलब्धि पर एम्स पटना आई बैंक एवं नेत्र रोग विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कॉर्नियल अंधत्व को कम करने में सामुदायिक सहभागिता एवं स्वैच्छिक नेत्रदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग को कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की संख्या में और वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे अधिक से अधिक कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित मरीजों को दृष्टि का लाभ मिल सके।प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, डीन (अकादमिक), एम्स पटना एवं प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, एम्स पटना ने भी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर आई बैंक टीम को बधाई दी तथा संस्थान में नेत्र बैंकिंग एवं कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
प्रो. (डॉ.) संजय पांडे, डीन (रिसर्च), एम्स पटना एवं प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार, पूर्व चिकित्सा अधीक्षक ने भी एम्स पटना आई बैंक एवं नेत्र रोग विभाग को 100वां कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने आई बैंक टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए दृष्टि बहाल करने एवं कॉर्नियल अंधत्व से प्रभावित मरीजों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने में नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह उपलब्धि उन नेत्रदाताओं एवं उनके परिवारों की निःस्वार्थ उदारता को समर्पित है, जिन्होंने नेत्रदान के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में दृष्टि एवं आशा का प्रकाश लाने का महान कार्य किया है। प्रत्येक नेत्रदान कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित व्यक्ति के जीवन में नई आशा और दृष्टि प्रदान करने का अवसर है।
इस अवसर पर एम्स पटना के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें प्रो. (डॉ.) चांदनी सिन्हा, एनेस्थीसिया विभाग; प्रो. (डॉ.) अमित पाटिल, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग; प्रो. (डॉ.) ज्योति प्रकाश, जनरल मेडिसिन विभाग; प्रो. (डॉ.) बिनय कुमार, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग; प्रो. (डॉ.) संजय पांडे, पीएमआर विभाग; प्रो. (डॉ.) उत्पल आनंद, गैस्ट्रो सर्जरी विभाग; डॉ. शंभु कुमार, मनोचिकित्सा विभाग; प्रो. (डॉ.) चैतन्य मित्तल, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग; डॉ. कमलेश गुंजन, यूरोलॉजी विभाग; तथा डॉ. राखी गुप्ता, त्वचा रोग विभाग शामिल थे।
उनकी उपस्थिति एवं सहयोग ने इस अवसर को विशेष महत्व प्रदान किया तथा नेत्रदान को बढ़ावा देने एवं कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए संस्थान की बहु-विषयक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
एम्स पटना आमजन से अपील करता है कि वे आगे आकर स्वैच्छिक नेत्रदान का संकल्प लें और कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित मरीजों की दृष्टि बहाल करने तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के इस महान कार्य में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्या केसरवानी, सह प्राध्यापक, नेत्र रोग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. सोनी सिन्हा, अपर प्राध्यापक; डॉ. भावेश चंद्र साहा, सह प्राध्यापक; डॉ. देव कांत, सह प्राध्यापक; एवं डॉ. अमित कुमार, सह प्राध्यापक, सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्यों, सीनियर रेजिडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स, इंटर्न्स, ऑप्टोमेट्रिस्ट्स, आई बैंक तकनीशियन-सह-परामर्शदाताओं, नर्सिंग अधिकारियों एवं सहयोगी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भावेश चंद्र साहा, सह प्राध्यापक, नेत्र रोग विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यकारी निदेशक, डीन, संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों, आई बैंक टीम तथा विभिन्न विभागों के अन्य संकाय सदस्यों के प्रति उनके बहुमूल्य सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
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