, Aug. 25 -- यह उपलब्धि डॉ. सरज कुमार सिंह और एम्स पटना की न्यूरोसर्जिकल उपलब्धियों की लंबी श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। इससे पहले डॉ. सरज कुमार सिंह ने 2.280 किलोग्राम (2,280 ग्राम) वजन के मस्तिष्क ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा उन्होंने रीढ़ से सबसे लंबे फॉरेन बॉडी, सबसे बड़े स्कल बोन ट्यूमर, सबसे बड़े आई ट्यूमर और सबसे बड़े ईयर ट्यूमर को निकालने के राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाए हैं।एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि एम्स पटना को एडवांस्ड, एंडोस्कोपिक और मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से जटिल स्पाइन सर्जरी अब बिहार और पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो रही है।
एंडोस्कोपिक सर्जरी का एक और बड़ा लाभ है कि अस्पताल में कम समय तक रहना। जहां पारंपरिक ओपन स्पाइन सर्जरी में मरीज को सामान्यतः 7-8 दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है वहीं उपयुक्त मरीजों में एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के बाद लगभग एक दिन में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
महज 1.5-2 सेंटीमीटर का चीरा, 8 सेंटीमीटर की डिस्क का निष्कासन और एक नई सर्जिकल उपलब्धि, एम्स पटना की यह सफलता चिकित्सा तकनीक में नवाचार और मरीज केंद्रित उपचार की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
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