, June 8 -- इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप कुमार (कोर्स डायरेक्टर) के मार्गदर्शन में किया गया। उनके साथ डॉ. चंद्र मोहन कुमार, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग; डॉ. अरुण प्रसाद, वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं प्रमुख प्रशिक्षक तथा डॉ. पुनीत कुमार चौधरी, कोर्स कोऑर्डिनेटर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।प्रशिक्षण सत्रों को अत्यंत व्यावहारिक और इंटरएक्टिव स्वरूप में आयोजित किया गया जिसमें प्रतिभागियों को नवीनतम बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं सीपीआर गाइडलाइंस के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रतिभागियों को कार्डियक अरेस्ट की पहचान से लेकर उच्च गुणवत्ता वाले चेस्ट कंप्रेशन, एयरवे मैनेजमेंट एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तक का गहन प्रशिक्षण दिया गया। "गोल्डन मिनट्स" की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए उन्हें यह समझाया गया कि प्रारंभिक प्रतिक्रिया ही जीवन रक्षा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है।
इस अवसर पर संकाय सदस्यों डॉ. अरुण प्रसाद, डॉ. सुमन मिश्रा, डॉ. नीता केव्लानी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. श्वेता ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनके कौशल को और अधिक निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि निरंतर प्रशिक्षण एवं कौशल विकास ही एक सशक्त और प्रतिक्रियाशील स्वास्थ्य प्रणाली की नींव है।
इस कोर्स का सफल आयोजन एम्स पटना की उस सतत प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है जिसके तहत संस्थान न केवल चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता सुनिश्चित कर रहा है बल्कि जीवन रक्षा कौशल को समाज के हर स्तर तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहा है।
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