, Sept. 24 -- कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि रेबीज से होने वाली मौतों को प्रभावी जन-जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप के माध्यम से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सही और व्यावहारिक जानकारी पहुंचाना अस्पताल की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह तथा डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी भी उपस्थित रहीं।

आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंदु भूषण के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभाग के चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच रेबीज को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना तथा किसी भी पशु-काटने की घटना के बाद तत्काल और सही कदम उठाने के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिए गए संदेशों को देखा और रेबीज की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

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